FASTag क्या है, ऑनलाइन आवेदन करके फास्टैग कैसे खरीदें

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नमस्कार दोस्तों, आज हम हमारी इस पोस्ट के माध्यम से आपको Fastag के ऑनलाइन आवेदन के बारे में बताएंगे। Fastag क्या है, यह कैसे काम करता है, इसका उपयोग और फायदा क्या है, और आप अपनी गाड़ी के फास्टैग अकाउंट के लिए ऑनलाइन कैसे आवेदन कर सकते हैं। 

अगर आपको इसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है, तो आप हमारी इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक पढ़ते रहिए। हम आपको हमारी इस पोस्ट के माध्यम से Fastag के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले हैं। 

सबसे पहले भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम ( फास्टैग ) की शुरुआत 2014 में की गई थी। टोल कलेक्शन की इस इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को 15 फरवरी 2021 की आधी रात से ही राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। 

फास्टैग का उपयोग पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा टैक्स कलेक्शन के लिए किया जाएगा। फास्टैग क्या है, इसका उपयोग किस में होता है, और आपके लिए फास्टैग क्यों जरूरी है। इन सब के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। 

Fastag क्या है – 

फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की तकनीक है। जिसका उपयोग देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्शन के लिए किया जाता है। इसके लिए वाहनों की विंड स्क्रीन पर एक फास्टैग स्टीकर लगाया जाता है। 

जिस पर वाहन का फास्टैग कोड लिखा होता है, और टोल प्लाजा में लगे हुए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन ( RFID ) तकनीक के द्वारा वह फास्टैग कोड रीड कर लिया जाता है। 

फास्टैग के शुरुआती दिनों में, लोगों को पास के POS (पॉइंट-ऑफ-सेल) बूथ पर जाकर एक नए FASTag स्टिकर के लिए आवेदन करना पड़ता था। छोटे टोल बूथ होने के कारण फास्टैग के रजिस्ट्रेशन के लिए वहां पर लंबी लाइन लगी रहती थी। 

लेकिन अब आप FASTag ऑनलाइन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक FASTag के लिए आवेदन नहीं किया है, तो आप ऑनलाइन FASTag के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

जिससे आप फास्टैग बूथ पर लगने वाले लंबी लाइन और होने वाले समय की बर्बादी के साथ अपना पैसा भी बचा पाएंगे। अगर आपके वाहन पर FASTag का स्टीकर नहीं होगा तो इसके लिए आपको टोल प्लाजा शुल्क के साथ ही अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। 

फास्टैग अकाउंट में भी एक बार फास्टैग अकाउंट का बैलेंस खत्म हो जाने के बाद उसमें अभी रिचार्ज कराना पड़ेगा। फास्टैग अकाउंट में ₹100 से लेकर ₹100000 तक का रिचार्ज कराया जा सकता है। 

फास्टैग कैसे काम करता है – 

राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( NHAI ) द्वारा टोल कलेक्शन के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम ( फास्टैग ) की शुरुआत की गई है। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की इस तकनीक में वाहनों की विंड स्क्रीन पर फास्टैग स्टीकर लगाया जाता है।

साथ ही टोल प्लाजाओं में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग किया जाता है। जब कोई गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, तो टोल प्लाजा मैं लगे रेडियो फ्रिकवेंसी आईडेंटिफिकेशन सेंसर द्वारा गाड़ी पर लगे फास्टटैग स्टिकर को रीड कर लिया जाता है।

जिसके बाद में गाड़ी के फास्टैग अकाउंट से टोल टैक्स को टोल प्लाजा अकाउंट में विड्रोल कर दिया जाता है। इस तरह फास्टैग की मदद से अब टोल प्लाजा पर बिना रुके ही टोल प्लाजा के शुल्क का भुगतान कर दिया जाएगा।

जिससे टोल प्लाजाओं पर लंबी लाइन की वजह से लगने वाले समय की बचत हो पाएगी। प्रत्येक वाहन के लिए फास्टैग प्रीपेड अकाउंट बनवाना होता है, और अकाउंट की राशि खत्म होने के बाद फिर से रिचार्ज करवाना होगा। 

प्रत्येक वाहन के लिए फास्टैग की वैधता 5 वर्ष तक ही होगी, इसलिए प्रत्येक 5 साल के बाद अपनी गाड़ी पर नया फास्टैग अकाउंट बनवाकर एक नया फास्टैग स्टीकर भी लगवाना होगा। 

जिस प्रकार से डेबिट या क्रेडिट कार्ड की वैधता होती है, और फिर बैंक से एक नई अवधि के साथ नया डेबिट या क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, यह भी उसी प्रकार से होगा। 

फास्टैग के फायदे – 

भारत में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजाओं में टोल टैक्स के वक्त होने वाली समस्याओं के समाधान के रूप में सभी टोल प्लाजाओं पर फास्टैग प्रणाली को शुरू किया है। 

इससे टोल प्लाजा शुल्क के समय लगने वाली गाड़ियों की लंबी लाइन और होने वाले असुविधा से बचा जा सकेगा। टोल प्लाजा शुल्क के वक्त होने वाले समय की बर्बादी की बचत के साथ ही खुले पैसे की समस्या और टोल प्लाजा कर्मचारियों के बुरे बर्ताव से भी छुटकारा मिल जाएगा। 

फास्टैग की मदद से अब समय बचत के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की भी बचत होगी, और फास्टैग स्टीकर के उपयोग पर 2.5 %  कैशबैक भी मिलेगा। जिसे बाद में फास्टैग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। 

फास्टैग कैसे लगाएं – 

जिन लोगों के पास पुरानी कार है, उन्हें ही फास्टैग लगाने की जरूरत होगी। ये लोग भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ( NETC ) कार्यक्रम के तहत अधिकृत बैंकों से फास्टैग खरीद पाएंगे। 

इन बैंकों में – HDFC Bank, ICICI Bank, Syndicate Bank, Axis Bank, IDFC Bank और State Bank of India शामिल हैं। इसके अलावा पेटीएम से भी फास्टैग खरीद सकते हैं। 

यहां से फास्टैग खरीदने के बाद वे अपनी कार पर फास्टैग लगा पाएंगे। नए वाहन मालिकों को फास्टैग के लिए चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि उन्हें नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय ही फास्टैग अकाउंट उपलब्ध कराया जाएगा। 

जिसे वे बाद में एक्टिव करके रिचार्ज कर पाएंगे और अपनी कार पर फास्टैग लगा पाएंगे। 

फास्टैग कहां से मिलेगा – 

फास्‍टैग को भारत सरकार द्वारा अधिकृत फास्टैग की किसी भी प्वाइंट ऑफ सेल (POS) लोकेशन पर जाकर बैंक से खरीदा जा सकता है। हालांकि, समय बचाने और लंबी लाइनों में लगने से बचने के लिए फास्टैग का ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। 

हम यहां पर आपको ऑनलाइन फास्टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया बता रहे हैं – 

फास्टैग लेने की प्रक्रिया – 

फास्टैग लेने की प्रक्रिया को हम नीचे बिंदुवार बता रहे हैं – 

➤ फास्टैग के प्रीपेड अकाउंट के लिए फास्ट की अधिकृत बैंकों में से किसी भी बैंक की ऑनलाइन फास्टैग एप्लीकेशन वेबसाइट पर जाना होगा। फास्टैग अकाउंट के ऑनलाइन आवेदन के लिए इस बैंक में अकाउंट की जरूरत नहीं है। 

➤ इसके बाद फास्टैग अकाउंट के लिए अपने नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आदि दर्ज करें। 

➤ केवाईसी दस्तावेज विवरण (ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, या आधार कार्ड) दर्ज करें। 

➤ अपने वाहन का पंजीकरण विवरण ( रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ) RC नंबर को दर्ज करें और सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें। इनमें केवाईसी दस्तावेज, वाहन मालिक की 1 पासपोर्ट साइज फोटो और आरसी शामिल हैं।

आवेदन जमा करने के बाद वाहन का फास्टैग अकाउंट बन जाएगा। इस फास्टैग अकाउंट को ऑनलाइन या फास्टैग ऐप के जरिए भी एक्सेस किया जा सकता है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड,  एनईएफटी, आरटीजीएस का उपयोग करके या नेट बैंकिंग के माध्यम से फास्टैग अकाउंट में रिचार्ज किया जा सकता है। 

भारत में FASTAg के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें – 

भारत में फास्टैग स्टीकर के लिए यूजर्स द्वारा UPI ऐप जैसे कि पेटीएम, Google Pay और अन्य यूपीआई एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा, कुछ रजिस्टर्ड ऑनलाइन बैंक पोर्टल्स के माध्यम से भी FASTag स्टिकर के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। 

अभी फास्टेक के लिए रजिस्टर्ड बैंक्स में – एसबीआई, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल है। 

हम यहां पर आपको फास्टेक के ऑनलाइन आवेदन के UPI और बैंक्स दोनों माध्यमों के बारे में बता रहे हैं। 

FASTag के लिए UPI से कैसे अप्लाई करें – 

यूजर्स के द्वारा अपने यूपीआई एप्स से भी FASTag के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अगर आप अपने फास्टैग अकाउंट के लिए यूपीआई एप्स – पेटीएम Paytm या किसी अन्य डिजिटल ऐप से अप्लाई करना चाहते हैं। तो अब अपने यूपीआई एप्स से भी फास्टैग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा – 

➤ यूजर्स के द्वारा यूपीआई एप्स जैसे – पेटीएम, गूगल-पे आदि के माध्यम से FASTag स्टिकर के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए अपने यूपीआई एप्लीकेशन को ओपन कर इसमें फास्टैग सर्च करें। 

➤ यूपीआई एप्लीकेशन में फास्टैग सर्च करने के बाद “ Buy FASTag ” के बटन पर क्लिक करें। 

➤ इसके बाद आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा इसमें जिसके लिए फास्टैग अकाउंट खरीदना चाहते हैं अपने उस वाहन का पंजीकरण रजिस्ट्रेशन नंबर टाइप करें। 

➤ अब अपने बारे में निजी जानकारियों जैसे नाम, पता, विवरण को भरने के बाद भुगतान की प्रक्रिया को सेलेक्ट को सिलेक्ट करके पेमेंट कर दें। 

➤ एक बार पेमेंट कंप्लीट हो जाने के बाद फास्टैग स्टीकर आपके दिए गए एड्रेस पर भेज दिया जाएगा। आप अपने फास्टैग को पेटीएम पर “ MY Orders ” के पेज पर जाकर ट्रैक कर सकते हैं। 

तो इस प्रकार आप अपने किसी भी यूपीआई एप्स जैसे – पेटीएम, फोन पे, गूगल पे, भारत पे, भीम यूपीआई आदि से अभी फास्टैग के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 

FASTag के लिए बैंक अकाउंट से कैसे अप्लाई करें – 

अब यूजर्स के द्वारा अपने बैंक अकाउंट से भी FASTag के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अगर आप अपने फास्टैग अकाउंट के लिए यूपीआई एप्स – पेटीएम Paytm या किसी अन्य डिजिटल ऐप से अप्लाई नहीं करना चाहते हैं। तो अब अपने बैंक अकाउंट से भी फास्टैग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा – 

➤ सबसे पहले फास्टैग के लिए अधिकृत जिस भी बैंक से फास्टैग स्टीकर के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उसकी ऑफिशियल वेबसाइट को ओपन करें। 

➤ बैंक की वेबसाइट ओपन करने के बाद उसमें होम पेज पर फास्टैग को सर्च करें। इसके बाद नए फास्टैग स्टीकर के रजिस्ट्रेशन के लिए “ अप्लाई फास्टैग ” के ऑप्शन पर क्लिक करें। 

➤ इसके बाद सबसे पहले ओटीपी के लिए अपना मोबाइल नंबर एंटर करें। इसके बाद इसमें मोबाइल नंबर पर रिसीव ओटीपी डालें। 

➤ अब अगले पेज में अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी को अपलोड करना होगा। दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी अपलोड करने के बाद प्रूफ-रीड के बाद अपने दस्तावेजों को सबमिट कर दें। 

➤ इसके बाद अब यहां आपको फास्टैग स्टीकर खरीदने के लिए भुगतान पूरा करना होगा। फास्टैग स्टीकर के लिए भुगतान करने के बाद भुगतान की रशीद दी जाएगी। 

तो इस प्रकार आप अपने बैंक अकाउंट से अभी फास्टैग के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके बाद ऑनलाइन आप को फास्टैग स्टीकर की दी जाने वाली रसीद को संभाल कर रख ले। 

निष्कर्ष 

हमने आपको आज की पोस्ट के माध्यम से Fastag के बारे में बताया है, कि Fastag क्या है, और आप अपनी गाड़ी के फास्टैग अकाउंट के लिए ऑनलाइन कैसे आवेदन कर सकते हैं। इसी प्रकार के टेक्नोलॉजी से रिलेटेड और अधिक जानकारी पाने के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहे।

 

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